Kotamsar Cave — स्टैलेक्टाइट्स और स्टैलेग्मिट्स की अविश्वसनीय संरचनाओं के साथ, यह शिवलिंग जैसी आकृति बनाती है। गुफा के भीतर के पत्थर और डंठल इसे कैलाश जैसी प्रतिकृति देते हैं जिसकी पूजा भी की जाती है। ऑक्सीजन की कमी के कारण कैलाश और कुटमसर की एक निश्चित सीमा तक ही पहुंचा जा सकता हैं। इनके अलावा भारी बर्षा के कारण कुटमसर गुफाएं पर्यटकों के घूमने के लिए 16 अक्टूबर से 15 जून तक तक ही खुली रहती ह